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Welcome to Dharwad

Welcome to Dharwad

15°21′42″N 75°05′06″E , Dharwad ,
Dharwad, also known as Dharwar, is a city and a district in India's Karnataka state. Dharwad is the administrative seat of the Dharwad District. The municipality of Hubli-Dharwad (resulting from a merger in 1961 with its twin city Hubli, 22 kilometers away) covers an area of 200.23 km². Dharwad is located 425 km northwest of Bangalore, on National Highway 4, the main highway between Bangalore and Pune in Maharashtra. The climate is mildly hot during the summer (April-May), and pleasant during rest of the year, as it is at an altitude of about 750m, plus still has a lot of greenery round. The twin cities have a history behind them dating back to the Hoysala period. Dharwad is famous for its contributions to Indian culture, most notably to classical music and literature, and prestigious educational institutions, such as the Karnataka University. The Dharwad pedha - a milk-based sweetmeat - from this town is very popular. Today, Dharwad is well known as a quiet and pleasant city popular with students and pensioners. It continues to grow, with industries dotting both its northern and southern boundaries. In the years ahead, it promises to be a beehive of commercial activity. The location of the city on the NH4 makes it equidistant from 2 of the most industrialised centers in the country - Bangalore, the capital of Karnataka, and Pune the 2nd most industrialised city in Maharashtra.Dharwad is situated on the edge of Western Ghats and hence is a hilly town. Spread over seven small hills at an average altitude of 750 meters above sea level, the city enjoys a salubrious climate amidst thick vegetation. Years ago, Dharwad was known for its lakes but several have now dried out. The lakes that still exist are Sadhankeri, Kelgeri (a man made lake created during British rule, almost 100 years old), Navalur, Hosayallapur and Nuggikeri. The city still has a few more small lakes left, in spite of rapid urbanization. Dharwad sits at the cusp of two distinct geographical divisions - Malenaadu (hilly, forest land with red soil) and Belavalanaadu (Deccan plains with black soil). Dharwad has plenty of green cover. Karnatak University's Botanical Garden is a sanctuary for many rare plants, trees and birds. Kelgeri, Sadhanakeri, Navalur and Nuggikeri are also homes for water birds.Dharwad is known as Chhota Mahabaleshwar due to its excellent climate throughout the year.[citation needed] Summers are mildly hot with occasional thunderstorms, lasting from late February to early June. They are followed by the monsoon season, with moderate temperatures and a large amount of precipitation. Temperatures are fairly moderate from late October to early February, with virtually no rainfall.
Apna Muzaffarnagar

Apna Muzaffarnagar

इतिहास और राजस्व प्रमाणों के अनुसार दिल्ली के बादशाह, शाहजहाँ, ने सरवट (SARVAT) नाम के परगना को अपने एक सरदार सैयद मुजफ़्फ़र खान को जागीर में दिया था जहाँ पर 1633 में उसने और उसके बाद उसके बेटे मुनव्वर लश्कर खान ने मुजफ़्फ़र नगर नाम का यह शहर बसाया। इस जनपद का इतिहास बहुत पुराना है । काली नदी के किनारे तहसील सदर के मांडी नाम के गाँव में हड़प्पा कालीन सभ्यता के पुख्ता अवशेष मिले हैं। अधिक जानकारी के लिये भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने वहां पर खुदाई भी करवायी थी। सोने की अंगूठी जैसे आभूषण और बहुमूल्य रत्नों का मिलना यह दर्शाता है कि यह स्थान प्राचीन समय में व्यापार का केन्द्र था। महाभारत कालीन हस्तिनापुर और कुरूक्षेत्र नगरों से निकटता इस तथ्य को बल देती है। किंवदंती है कि कौरवों तथा पांडवों के बीच महाभारत का युद्व ग्राम पचेन्‍डा में लड़ा गया । युद्व के दोरान दोनों पक्षों की सेना कुरावली तथा पंडावली ग्राम में विश्राम करती थी । शुक्रताल मुजफ्फरनगर जनपद में स्‍थित एक विश्‍व प्रसिद्व धार्मिक स्थान माना जाना जाता है ।इस स्थान पर वटवृक्ष के नीचे महर्षि शुकदेव महाराज ने राजा परीक्षत को भागवत कथा सुनाई थी । आज भी उस स्थान पर वह प्राचीन व पवित्र वटवृक्ष स्थित है । तैमूर आक्रमण के समय के फारसी इतिहास में भी इस स्थान का वर्णन मिलता है। 1399 में गंगा के किनारे भोकड़ हेड़ी स्थान पर बड़ी संख्या में हिन्दुओं ने तैमूर की सेना का सामना किया था परन्तु सुव्यवस्थित न होने के कारण पराजित हो गये। लम्बे समय तक मुगल आधिपत्य में रहने के बाद ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने 1826 में मुज़फ़्फ़र नगर को जिला बना दिया। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शामली के मोहर सिंह और थानाभवन के सैयद-पठानों ने अंगेजों को हरा कर शामली तहसिल पर कब्जा कर लिया था परन्तु अंग्रेजों ने क्रूरता से विद्रोह का दमन कर शामली को वापिस हासिल कर लिया। 6 अप्रैल 1919 को डा0 बाबू राम गर्ग, उगर सेन, केशव गुप्त आदि के नेतृत्व में इण्डियन नेशनल कांगेस का कार्यालय खोला गया और पण्डित मदन मोहन मालवीय, महात्मा गांधी, मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, सरोजनी नायडू, सुभाष चन्द्र बोस आदि नेताओं ने समय-समय पर मुज़फ़्फ़र नगर का भ्रमण किया। खतौली के पण्डित सुन्दर लाल, लाला हरदयाल, शान्ति नारायण आदि बुद्धिजीवियों ने स्वतंत्रता आन्दोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने पर केशव गुप्त के निवास पर तिरंगा फ़हराने का कार्यक्रम रखा गया। यह जनपद एतिहासिक शहर हस्तिनापुर के करीब है । इसकी सीमाएं मेरठ, बिजनौर, बागपत, सहारनपुर, हरिद्वार, प्रबुद्धनगर (शामली) तथा पानीपत से लगी हुई हैं । रूडकी आई०आई०टी यहॉ से लगभग ४६ कि०मी० दूर स्‍थित है । दिनांक 28 सितम्बर 2011 को प्रदेश की मा0 मुख्यमंत्री जी ने मुजफ्फरनगर द्वारा कैराना और शामली तहसील को मिलाकर एक नया जनपद प्रबुद्धनगर घोषित किया गया । हॉल के दिनों में आर्थिक समृद्धि बढ़ने के साथ ही जनपद में खेलों के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है । प्रकाश चौक के निकट बना सर्विस कलब एक उच्च स्तरीय बहुद्देशीय क्रीडा स्थल है । इस में स्विमिंग पुल, लॉन टेनिस के ग्रास व हार्ड कोर्ट, बैडमिन्टन तथा स्कवेश के कोर्ट बने हैं । प्रत्येक वर्ष महिलाओं की अंर्तराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता भावना मेमोरियल महिला टूर्नामेन्ट का आयोजन इस कलब में किया जाता है । मेरठ रोड पर नुमाईश ग्राऊन्ड के निकट राज्य सरकार की ओर से एक बहुक्रीडा स्टेडियम का निर्माण किया गया है । यहॉ इस शहर में बहुत प्रतिष्‍ठत स्कूल हैं । शहर में एक निजी वित्त पोषित इंजीनियरिंग कॉलेज और एक मेडिकल कॉलेज है। स्वामी कल्याण देव महाराज ने सामुदायिक सेवा करने के लिए और अपने आप को समर्पित किया हुआ था । ग्रामीणों और दूसर
K. M. Agrawal College, Kalyan (West)

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K. M. AGRAWAL COLLEGE Gandhare, Kalyan (W) 421301. Tel.:(0251)2315959. E-mail: :principal@kmagrawalcollege.org, Kalyan ,
MCdonalds Kolhapur

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NIIT SOUTH City Lucknow

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